नए साल पर खास होगा महाकाल का श्रृंगार:- गर्भगृह और नंदी हॉल को फूलों सजाएंगे, नंदी हॉल के बाहर से ही हो सकेंगे दर्शन

नए साल की शुरुआत हजारों लोग बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ करते हैं। इस दिन देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख तक पहुंच जाती है। नए साल में उज्जैन आने वाले लगभग सभी पर्यटक महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं।

महाकालेश्वर की भस्म आरती में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अब अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पहले ही गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी है। गर्भगृह में प्रवेश पर 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक प्रतिबंध रहेगा।

नए साल में गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित है। भस्म आरती और शयन आरती में भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे।

उज्जैन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लग जाता है। इस वजह से यहां होटलों में नए साल का जश्न नहीं मनाया जाएगा। सभी रेस्टोरेंट, बार व धार्मिक स्थल रात 10 बजे के बाद ही बंद कर दिये जाते हैं। नए साल के पर्व पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में नियमित सजावट की जाती है। और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का विशेष श्रंगार किया जाता है।

महाकाल मंदिर आएं तो ये जरूर ध्यान रखें –

उज्जैन में लगातार कोरोना के बढ़ने के कारण महाकाल मंदिर समिति ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले ही विशेष एहतियात बरतना शुरू कर दिया है।

मंदिर में सुबह से रात तक 6 आरतियां होती हैं।श्रद्धालुओं को मंदिर में सुबह 6 से रात 9 बजे तक ही दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।भस्म आरती व शयन आरती में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।अन्य चार आरतियों में वे नंदी हॉल के बाहर लगे बेरिकेड्स से दर्शन कर सकते हैं।भीड़ बढ़ने के कारण बाहर निकलने के लिए बेरिकेट्स लगाए जाएंगे। ताकि श्रद्धालु लाइन से ही बाहर निकल सकें।

होटलों क्लबों में जश्न नहीं –

रात्रिकालीन कर्फ्यू के चलते यहां नाइट पार्टी नहीं होगी। रिसॉर्ट, होटल व रेस्टोरेंट रात 11 बजे के पहले ही बंद कर दिये जाएंगे। आने-जाने वालों से पूछताछ होगी।

कोरोना के चलते उज्जैन में होटलों व क्लबों में जश्न का माहौल नहीं रहेगा। होटलों में केवल ठहरने वाले यात्री ही रुक सकेंगे। होटल के अंदर व शहर के अन्य रेस्टोरेंट भी रात 11 बजे के पहले ही बंद कर दिए जाएंगे। इसी तरह रात 12 बजे घूमने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

उज्जैन आएं तो यहां जरूर जाएं 

महाकाल मंदिर दर्शन करने उज्जैन आएं तो गढ़कालिका, हरसिद्धि सहित अन्य दर्शनीय स्थलों पर जरूर जाएं। महाकाल मंदिर समिति ने यहां के लिए बस सेवा भी शुरू की हुई है।

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उज्जैन नगर भ्रमण के लिए बस सेवा शुरू की गई है। इस बस का किराया मात्र सौ रुपए है। यह बस करीब एक दर्जन धार्मिक स्थलों के दर्शन कराती है और शाम 6 बजे तक महाकाल मंदिर वापस लौट आती है।

  • शक्ति पीठ हरसिद्धि माता मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 1 किमी की दूरी।बड़े गणपति – महाकाल मंदिर के सामने।चिंतामन गणेश मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 6 किमी की दूरी।मंगलनाथ – महाकाल मंदिर से करीब 10 किमी की दूरी।कालभैरव मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 8 किमी की दूरी।गढ़कालिका मंदिर – महाकाल मंदिर से करीब 8 किमी की दूरी।रामघाट – महाकाल मंदिर से करीब 2 किमी की दूरी।तारामंडल – महाकाल मंदिर से करीब 9 किमी की दूरी।त्रिवेणी – महाकाल मंदिर से करीब 10 किमी की दूरी।वेधशाला – महाकाल मंदिर से करीब किमी की दूरी।

उज्जैन के मंदिरों में इन बातों का जरूर ध्यान रखें –

कोरोना गाइडलाइन (सोशल डिस्टेंस, मास्क पहनना, सेनेटाइजर से हाथ साफ करना आदि) का विशेष ध्यान रखें।अपने कीमती सामान का ध्यान जरूर रखें।एक से दूसरी जगह जाने के लिए इलेक्ट्रिक वीकल का इस्तेमाल करें।उज्जैन देश के पांच प्रमुख स्वच्छ शहरों में शामिल है, इसलिये यहां सफाई का विशेष ध्यान रखें।

ऐसा रहेगा उज्जैन का मौसम –

नए साला में उज्जैन का मौसम सामान्य रहेगा। दिन में बादल छाए रहने से तापमान अधिक नहीं बढ़ेगा पर रात का तापमान जरूर कम हो जाएगा।

28 और 29 दिसंबर को कहीं-कहीं हल्की बारिश, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के कारण 29 दिसंबर के बाद कोहरे का दौर फिर से शुरू हो जाएगा। इससे रात का पारा गिर सकता है, लेकिन बादल छाए रहने से दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी। इसका क्रम 30, 31 दिसंबर और 1 व 2 जनवरी को भी जारी रहने के आसार हैं। इधर डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि ऐसे में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए। बहुत जरूरी हो तो पर्याप्त गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

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