निवेश के मामले में मेरठ, झांसी, मीरजापुर, लखनऊ और वाराणसी मंडल टॉप फाइव में

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लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फरवरी माह में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का परिणाम सरकार की सोच से भी कहीं ज्यादा उत्साहवर्धक साबित हुआ है। लगभग 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को अब धरातल पर उतारने के प्रयास शुरू हो गये हैं। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के प्रथम फेज की तैयारी में जुटी योगी सरकार के प्रयासों से 7.16 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में उद्योग जगत ने बेहतरीन संभावनाएं देखते हुए निवेश करने का फैसला लिया है। हालांकि सभी मंडलों में निवेशकों की रुचि अलग अलग ही देखने को मिली है। मेरठ मंडल में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। क्रियान्वयन के लिए तैयार निवेश में प्रदेश के टॉप फाइव मंडलों में क्रमशरू मेरठ, झांसी, मीरजापुर, लखनऊ और वाराणसी हैं।
मंडलवार बात की जाए तो मेरठ मंडल में सर्वाधिक 2,55,097 करोड़, इसके बाद झांसी मंडल में 91,128 करोड़, मीरजापुर मंडल में 85,104 करोड़, लखनऊ मंडल में 48,770 करोड़, वाराणसी मंडल में 37,372 करोड़, बरेली मंडल में 35,322 करोड़, अयोध्या मंडल में 23,921 करोड़, आगरा मंडल में 23,706 करोड़, कानपुर मंडल में 22,992 करोड़, मुरादाबाद मंडल में 17,833 करोड़, प्रयागराज मंडल में 17,780 करोड़, गोरखपुर मंडल में 15,600 करोड़, सहारनपुर मंडल में 12,413 करोड़, अलीगढ़ मंडल में 9,873 करोड़, चित्रकूट मंडल में 9,213 करोड़, देवीपाटन मंडल में 3,954 करोड़, आजमगढ़ मंडल में 3,400 करोड़ और बस्ती मंडल में 3,018 करोड़ रुपए के निवेश क्रियान्वयन के लिए तैयार हैं।
कभी बुंदेलखंड और पूर्वांचल यूपी के सबसे पिछड़े इलाके माने जाते थे। योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद से ही इन दोनों क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए विकास कार्यों को लेकर रणनीति बनाना शुरू किया। बीते छह साल में पूर्वांचल और बुंदेलखंड रीजन से ना सिर्फ डकैतों, माफिया और रंगदारों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी विकसित करते हुए पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन प्रयासों का परिणाम अब धरातल पर उतरने जा रहे निवेश के रूप में दिखने जा रहा है। बुंदेलखंड रीजन के अंतर्गत आने वाले झांसी और चित्रकूट मंडल में एक लाख करोड़ से भी ज्यादा का निवेश क्रियान्वित होने के लिए तैयार है। इस मामले में भी झांसी मंडल प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इसी प्रकार पूर्वांचल क्षेत्र में मीरजापुर और वाराणसी मंडल टॉप फाइव में शामिल है, इसके अलावा गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में भी भारी भरकम निवेश धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। जाहिर है उद्योग जगत को योगी शासन में इन इलाकों में व्यवसाय करने में अब कोई परेशानी नहीं दिख रही है। यही नहीं जिन इलाकों में कभी शाम ढलने के बाद लोग घर से बाहर निकलने से भी डरते थे, वहां उद्योग धंधे स्थापित करने का माहौल बनाने में योगी सरकार को बड़ी सफलता मिली है। सोनभद्र, चंदौली और मीरजापुर में धरातल पर उतरने जा रहा निवेश इसकी गवाही देता है।